स्मार्ट मीटर, अंडरग्राउंड लाइन और एबीसी लगाए जाने के बाद रिमोट कंट्रोल डिवाइस से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खुलासा होने से सोमवार को अफसरों के होश उड़ गए। रामबाग व नैनी डिवाजन में दोपहर बाद 12 मीटरों में रिमोट कंट्रोल डिवाइस पकड़ी गई। दोपहर बाद मेमोरी चिप ट्रांसप्लांट विधि से जांच कराए जाने के बाद इसकी पुष्टि हुई। इससे पहले हफ्ते भर के भीतर शहर के चार डिवीजनों में छह अलग-अलग जगहों पर रिमोट कंट्रोल डिवाइस से बिजली चोरी पकड़ी जा चुकी है। इस मामले में संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मीटर रीडिंग और बिलिंग कराने वाली कंपनी एन साफ्ट के विरुद्ध कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
रामबाग डिवीजन में सोमवार को सहायक अभियंता (मीटर) के नेतृत्व में मीटरों की जांच कराई गई। इस दौरान नौ उपभोक्ताओं के मीटर में रीडिंग स्टोर्ड पाई गई। सोहबतियाबाग में दो मीटरों में रिमोट कंट्रोल डिवाइस के जरिए बिजली चोरी पकड़ी गई। इसी तरह ऊंचा मंडी में बेबी रानी के मीटर की सर्किट प्लेट पर दो अतिरिक्त प्रतिरोधक पाए गए। बाबूगंज की मंडी निवासी कैलाश चंद्र के मीटर की सर्किट प्लेट पर भी इलेक्ट्रानिक प्रतिरोधक लगे हुए थे। इसी तरह कटघर में फूलमती के कनेक्शन पर लगे मीटर की जांच में आठ प्रतिरोधक पकड़े गए। तुलाराम मोहल्ले में वंदना के मीटर की की इलेक्ट्रानिक सर्किट प्लेट बदली हुई पाई गई।
लक रोड के सचिन अग्रवाल व सालिगराम जायसवाल नगर के नवीन के मीटर में भी बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गईं। इसी तरह सोहबतिया बाग में विद्या व सरोज के मीटरों में रीडिंग स्टोर्ड पाई गई। इन मीटरों को उतारकर प्रयोगशाला में मीटरों की जांच कराने के बाद पता चला कि मीटरों की इलेक्ट्रानिक सर्किट प्लेट बदली गई है। मीटर प्लेट पर अलग नंबर और डिस्प्ले पर अलग नंबर अंकित मिला। रिपोर्ट के आधार पर दोनों उपभोक्ताओं के विरुद्ध केस दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसी तरह नैनी के गणपति नगर में अमिता के मीटर में रिमोट कंट्रोल डिवाइस लगी पाई गई। महेवा पूरब पट्टी की उस्मे सलमा व सरोज देवी के मीटर में डिवाइस केजरिए चोरी पकड़ी गई। इससे पहले कल्याणी देवी, करेलाबाग, नैनी व रामबाग डिवीजनों में छह जगहों पर रिमोट कंट्रोल डिवाइस से बिजली चोरी पकड़ी गई थी।
यह एक इलेक्ट्रानिक चिप है, जिसे मीटर की सर्किट प्लेट पर फिट किया जा रहा है। इस डिवाइस को मीटर के सर्किट में फिट करने के बाद टीवी की तरह रिमोट से मीटर को संचालित किया जा सकता है। इस तकनीक से प्रतिमाह लाखों रुपये की बिजली चोरी की जा रही है। ओपी मिश्रा, एक्सईएन म्योहाल।
रिमोट के जरिए बिजली चोरी के मामले में पकड़े गए उपभोक्ताओं से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि रामबाग डिवीजन में कुछ दिन पहले पकड़े गए कई उपभोक्ताओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने चिप लगाने के लिए विभाग के ही कर्मचारियों को चार-चार हजार रुपये दिए थे। इसके बाद अफसरों के कान खड़े हो गए हैं। आशंका है कि विभाग में काम करने वाले संविदा कर्मी या फिर कुछ कर्मचारी ही इस गिरोह में शामिल हैं। उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।