पहले आरोप लगाया फिर बाद में मुकर गई महिला
कोर्ट ने कहा किप्रथम सूचना रिपोर्ट व्यक्तिगत फायदे के लिए दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने इसे गलत माना। पाया कि एफआईआर दर्ज कराना शादी कराने के लिए दबाव बनाने का तरीका था। मुरादाबाद के गल शहीद थाने में 25 अगस्त 2021 को दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी ने शादी के वादे पर पहले याचिकाकर्ता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए, फिर शादी करने से इनकार कर दिया।
हालांकि, बाद में दोनों ने एक-दूसरे से शादी कर ली और मामले में समझौता कर लिया। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला (आरोपी की पत्नी) ने जांच अधिकारी के समक्ष आवेदन दायर कर कहा कि एफआईआर रद्द कर दी जाए। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्डों और बयानों के आधार पर महिला ने स्पष्ट रूप से कहा कि याची और उसके बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं थे। वह याची से प्यार करती थी। बाद में दोनों के बीच 13 दिसंबर 2021 को शादी हो गई।