हाईकोर्ट के नए केस इनफॉरमेशन सिस्टम (सीआईएस) के लांच होने के बाद अधिवक्ता और वादकारी सूचनाओं की एक नई दुनिया में पहुंच सकेंगे। सिस्टम पर ऐसे ढेरों विकल्प होंगे जो अभी तक नहीं थे और उन सूचनाओं के लिए वकीलों तथा वादकारियों को काफी चक्कर लगाना पड़ता था।
सबसे रोचक बात यह है कि सिस्टम के एफआईआर डिटेल विकल्प पर प्राथमिकी, समरी रिपोर्ट और चार्जशीट जैसी सूचनाएं बड़ी आसानी से उपलब्ध होंगी। जैसी ही कोई एफआईआर कोर्ट में दाखिल होती है उससे संबंधित समस्त सूचनाएं वेबसाइट पर आ जाएंगी। इस विकल्प पर उपयोगकर्ता पुलिस स्टेशन, केस नंबर, एफआईआर की तिथि आदि विकल्पों पर जाकर पूरी सूचना प्राप्त कर सकता है। इसे शिकायतकर्ता के नाम और पते के आधार पर भी देखा जा सकता है। या अभियुक्त के ब्यौरे संबंधी विकल्प पर जाने से अभियुक्त के संबंध में तमाम जानकारियां उसका नाम, उम्र, पता आदि जाना जा सकता है। इसी प्रकार से उस केस की जांच कर रहे अधिकारी के बारे में भी सूचना प्राप्त की जा सकती है।
सीआईएस सिस्टम में कोर्ट फीस, केस की प्रगति से संबंधित पूरी जानकारी, मुकदमों के निस्तारण की जानकारी, प्रति दिन की प्रगति, मुकदमों की तारीख, समन नोटिस, ऑन लाइन जजमेंट, लिंक मैसेज सहित सैकड़ों जानकारियों का ब्यौरा उपलब्ध होगा। इसे इंटरनेट पर कहीं भी खोला जा सकेगा और देश के किसी भी कोने में बैठ कर किसी भी मुकदमे से संबंधित तमाम आवश्यक सूचनाएं प्राप्त की जा सकेंगी। जानकार बताते हैं कि सिस्टम को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कते हैं जिनको काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। सिस्टम के एक सप्ताह में पूरी तरह से काम करने की उम्मीद है।