हाईकोर्ट के 19 मई 23 के आदेश से विपक्षी अधिकारियों को एक इंक्रीमेंट देने के आदेश को अपील में चुनौती दी गई थी। नियमानुसार कर्मचारी के व्यवहार व सक्षमता के आधार पर एक वार्षिक इंक्रीमेंट दिया जाना चाहिए। सरकार का कहना था कि जब इंक्रीमेंट लगाने का समय आया तो विपक्षी सेवारत नहीं थे। इसलिए वे इसे पाने के हकदार नहीं हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 जून व 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वार्षिक इंक्रीमेंट देने के खिलाफ राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज कर दी है और कहा है कि विपक्षी रिटायर्ड डीएसपी चंद्रपाल सिंह व पांच अन्य नोशनल इंक्रीमेंट पाने के हकदार हैं। विपक्षी 30जून को सेवानिवृत्त हुआ था। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील को खारिज करते हुए दिया है।
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हाईकोर्ट के 19 मई 23 के आदेश से विपक्षी अधिकारियों को एक इंक्रीमेंट देने के आदेश को अपील में चुनौती दी गई थी। नियमानुसार कर्मचारी के व्यवहार व सक्षमता के आधार पर एक वार्षिक इंक्रीमेंट दिया जाना चाहिए। सरकार का कहना था कि जब इंक्रीमेंट लगाने का समय आया तो विपक्षी सेवारत नहीं थे। इसलिए वे इसे पाने के हकदार नहीं हैं।
याची अधिवक्ता का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को सही माना है। जिसके अनुपालन में एकाउंट एवं ऑडिटर जनरल ने 12 जून 23 को सर्कुलर जारी किया है। इसलिए विपक्षी नोशनल इंक्रीमेंट पाने के हकदार हैं।