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High Court : जमानत खारिज होने के बावजूद गिरफ्तारी की वैधता को दे सकते हैं चुनौती

Thu, 06 Aug 2026 07:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अभियुक्त की जमानत याचिका खारिज हो जाने मात्र से उसे अपनी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। जमानत की मांग और गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देना अलग-अलग व स्वतंत्र कानूनी अधिकार हैं।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अभियुक्त की जमानत याचिका खारिज हो जाने मात्र से उसे अपनी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। जमानत की मांग और गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देना अलग-अलग व स्वतंत्र कानूनी अधिकार हैं।

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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इनमें से एक उपाय अपनाने से दूसरे का अधिकार समाप्त नहीं होता। यदि गिरफ्तारी संविधान और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं की गई है तो उसकी वैधता पर अलग से न्यायिक परीक्षण कराया जा सकता है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने संभल निवासी राकेश की याचिका पर की।

याची के खिलाफ गुन्नौर थाने में अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, दुष्कर्म, मानव तस्करी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज है। याचिका में आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी और उसके आधार पर पारित रिमांड आदेश को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि गिरफ्तारी के समय उसे अनुच्छेद 22(1) के अनुरूप गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी नहीं दी गई।
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याची ने कहा जमानत निरस्त हो चुकी है, लेकिन इससे गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने का उसका अधिकार प्रभावित नहीं होता। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि इस प्रकार की याचिका का उद्देश्य जमानत प्राप्त करना नहीं, बल्कि यह जांचना है कि गिरफ्तारी कानूनन वैध थी या नहीं। यदि गिरफ्तारी शुरू से ही अवैध पाई जाती है तो पहले उसकी जमानत खारिज होने के आधार पर उसे राहत से वंचित नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी की वैधता की जांच का दायरा जमानत याचिका से अलग है। इसमें सिर्फ यह देखा जाता है कि गिरफ्तारी संविधान के अनुच्छेद 22(1) व बीएनएसएस में निहित अनिवार्य सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए की गई या नहीं। इसलिए जमानत संबंधी कार्यवाही और गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने की कार्यवाही को एक-दूसरे का विकल्प नहीं माना जा सकता।

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