फिरोज जहांगीर गांधी का आरामगाह परिसर बदहाली के साथ अराजकतत्वों के भी निशाने पर रहता है। अक्सर वहां नशेड़ी किस्म के लोग दीवार फांद कर प्रवेश कर जाते हैं।
शहर के स्टैनली रोड पर मम्फोर्डगंज में स्थित फिरोज जहांगीर गांधी का आरामगाह परिसर बदहाली के साथ अराजकतत्वों के भी निशाने पर रहता है। अक्सर वहां नशेड़ी किस्म के लोग दीवार फांद कर प्रवेश कर जाते हैं। सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने से केयरटेकर को भी समस्या होती है। फेडरेशन ऑफ पारसी जोरास्ट्रियन अंजुमन ऑफ इंडियन के वाइस प्रेसीडेंट पोरस दिबारा ने कब्र की बदहाली पर चिंता जताई। उनका कहना है कि पिछले महीने मुंबई में हुई आम सभा में पारसी समुदाय के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। फिरोज गांधी की आरामगाह की समस्या यदि स्थानीय अंजुमन के माध्यम से फेडरेशन के सामने आती है तो इसके निस्तारण के बारे विचार किया जाएगा।
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14 साल पहले कराया गया था काम
करीब 14 साल पहले आरामगाह परिसर में सड़क और बाउंड्रीवाल को लेकर काम कराया गया था। इसके बाद से वहां कोई ईंट नहीं रखी गई। मात्र एक माली जो केयरटेकर भी है, के जिम्मे कई बीघे में फैले परिसर की जिम्मेदारी है। वहां बना पूजा घर खंडहर में तब्दील हो रहा है।