इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द होने के बावजूद विवेचना करने और आरोप पत्र दाखिल करने के मामले में पुलिस आयुक्त कानपुर नगर, घाटमपुर थाने के प्रभारी तथा विवेचनाधिकारी को तलब किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द होने के बावजूद विवेचना करने और आरोप पत्र दाखिल करने के मामले में पुलिस आयुक्त कानपुर नगर, घाटमपुर थाने के प्रभारी तथा विवेचनाधिकारी को तलब किया है। कोर्ट ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की अदालत ने एसआई आशीष कुमार की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है।
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याची के खिलाफ 21 अक्टूबर 2024 को घाटमपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी जिसे बाद में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। इसके बावजूद विवेचनाधिकारी ने विवेचना जारी रखी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया। इस पर मजिस्ट्रेट की अदालत ने संज्ञान भी ले लिया।
इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि एफआईआर रद्द किए जाने वाले हाईकोर्ट के आदेश की प्रति विवेचनाधिकारी को विधिवत सौंप दी गई थी। इसके बावजूद जानबूझकर उन्होंने विवेचना जारी रखी और आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला मानते हुए सभी अधिकारियों को 20 अगस्त को तलब किया है।