अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय द्वारा भारत सरकार बनाम पी वेंकटेश एवं सेंट्रल कोलफील्ड बनाम पार्डन ऑरोन केस में अभिनिर्धारित विधि सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य विपदाग्रस्त परिवार को तत्काल आर्थिक राहत प्रदान कर संकट से उबारना होता है। अनुकंपा रोजगार का अर्थ यह नहीं कि भविष्य में इसकी मांग कभी भी कर ली जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि याची ने अपने पिता की मृत्यु के चार वर्ष बाद नौकरी का दावा किया था, इसलिए स्पष्ट है कि याची को तत्क्षण रोजगार की आवश्यकता नहीं थी।