कोर्ट ने वरिष्ठों की जिम्मेदारी के सिद्धांत को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अनुसार कोई अधीनस्थ अधिकारी अपराध रोकने में विफल रहता है या जांच में लापरवाही करता है तो उसका वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी नैतिक और प्रशासनिक जवाबदेही से पल्ला नहीं झाड़ सकता।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस आदेश की प्रति कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार को भेजी जाए। संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के भविष्य के दायित्यों के निर्धारण और पदोन्नति के समय उनके पिछले रिकॉर्ड और न्यायिक टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाए। हालांकि, नाबालिग लड़की की सकुशल बरामदगी के बाद याचिका का निस्तारण कर दिया गया।