2016 में नियुक्त सहायक अध्यापकों की पहली वार्षिक वेतन वृद्धि से जुड़ा है मामला
मामला 2016 में नियुक्त सहायक अध्यापकों की पहली वार्षिक वेतन वृद्धि से जुड़ा है। याचियों की नियुक्ति 28 जून को हुई थी। एक जुलाई 2016 को सार्वजनिक अवकाश होने से उन्होंने दो जुलाई को संबंधित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण किया। विभाग ने उनकी पहली वेतन वृद्धि एक जुलाई 2017 से निर्धारित की थी। शिक्षकों का दावा था कि उन्हें पहली वेतन वृद्धि एक जनवरी 2017 से मिलनी चाहिए। शिक्षकों ने इसके लिए 22 दिसंबर 2016 के शासनादेश और वित्त नियंत्रक, बेसिक शिक्षा परिषद के 20 नवंबर 2025 के स्पष्टीकरण का हवाला दिया। कहा कि नियुक्ति 28 जून को हुई थी, जो दो जनवरी से एक जुलाई के बीच आती है। इसलिए पहली वेतन वृद्धि एक जनवरी 2017 से देय होनी चाहिए।
लंबे समय से आंदोलन कर रहे शिक्षक
15 हजार शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्त सहायक अध्यापक वेतन वृद्धि से जुड़ी विसंगति को लेकर लंबे समय से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे थे। शिक्षकों का आरोप था कि विभागीय आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें वास्तविक लाभ नहीं मिल सका था। उनकी मांग थी कि एक जनवरी 2017 से उनका वेतन पुनर्निर्धारित किया जाए और वर्षों से लंबित वेतन अंतर का बकाया भुगतान किया जाए।