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High Court : पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक की सजा निलंबित, जमानत पर रिहाई का आदेश

Sun, 31 May 2026 04:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर मामले में पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक की सजा निलंबित कर दी है। साथ ही उन्हें जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकल पीठ ने दिया है।
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कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर मामले में पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक की सजा निलंबित कर दी है। साथ ही उन्हें जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकल पीठ ने दिया है। औरैया ट्रायल कोर्ट ने कमलेश को गैंगस्टर मामले में छह साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने अपील दायर थी।

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अधिवक्ता ने दलील दी कि कमलेश 15 मार्च 2020 से और वर्तमान मामले में 11 जुलाई 2020 से जेल में बंद हैं। अपीलकर्ता ने छह वर्ष की कुल सजा में से पांच वर्ष और नौ महीने की अवधि पहले ही पूरी कर ली है। मामले में तीन महीने की कैद बची है। ऐसे में इस चरण पर जमानत नहीं दी जाती है तो अपील पूरी तरह से निरर्थक होगी। 

कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत ‘गैंग चार्ट’ का अवलोकन किया। कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने बिना किसी ठोस निष्कर्ष या आवेदन के ही उस पर हस्ताक्षर किए थे। सरकारी पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि अपीलकर्ता ने गवाहों को धमकाया है या किसी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। इसके अतिरिक्त जिन आधारों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था, उन मामलों में अभी तक अपीलकर्ता को दोषी नहीं ठहराया गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता की सजा निलंबित कर दी। 

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बरेली हिंसा के आरोपी साजिद सकलैनी को अग्रिम जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा के आरोपी साजिद सकलैनी को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने दिया है। बरेली के कोतवाली थाने में याची के खिलाफ सितंबर 2025 में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पत्थरबाजी व कानून व्यवस्था बिगाड़ने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।

आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि साजिद का नाम एफआईआर में नहीं था और उसे झूठा फंसाया गया है। इस पर सरकारी अधिवक्ता ने आरोपी के खिलाफ 19 आपराधिक मामले होने का हवाला दे जमानत का विरोध किया। वहीं, कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि साजिद को 30 दिन के अंदर ट्रायल कोर्ट या जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। साथ ही उसे 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतें देनी होंगी। 
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