इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर रिंग रोड परियोजना में बदलाव से इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) की ओर से रास्ते में बदलाव की मांग को लेकर याचिका खारिज कर दी। कहा, राष्ट्रीय महत्व की अधोसंरचना परियोजना में निर्माण कार्य काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
याचिका में कंपनी ने चकेरी स्थित एक प्लॉट पर बने सीएनजी मदर स्टेशन, पाइपलाइन और अन्य ढांचे को तोड़ने से रोकने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि यह स्टेशन 2011 से संचालित है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहनों को सीएनजी और आसपास के क्षेत्रों में पीएनजी की आपूर्ति की जाती है। छह अन्य डीबी स्टेशनों को भी यहीं से सप्लाई दी जाती है। कंपनी का आरोप था कि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान उसे कोई व्यक्तिगत नोटिस नहीं दिया गया और न ही उसकी मौजूदगी में कोई सर्वे कराया गया।