याची की तरफ से किसी के न पहुंचने पर तल्ख टिप्पणी
कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी पक्ष बनाया था। इसके पूर्व हुई सुनवाई में याची की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ तो कोर्ट ने नाराजगी जताई थी और याचिका दाखिल करने वालों को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचियों के बारे में पूछताछ शुरू की तो कई याची उपस्थित नहीं थे और ह्यूमन लॉ नेटवर्क का कोई भी सदस्य नहीं था।
कोर्ट ने लॉ नेटवर्क की संचालक चार्ली प्रकाश के बारे में पूछा तो याची की तरफ से उपस्थित अधिवक्ता प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ दिक्कतों की वजह से वह कोर्ट के समक्ष नहीं उपस्थित हो सकीं।
विभिन्न कॉलेज और विवि को भी नोटिस जारी करने का निर्देश
कोर्ट ने कहा कि छात्रों को लेकर याचिका दाखिल कर देते हो और यहां लाकर उसे डंप कर देते हो। कोर्ट ने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने ह्यमन लॉ नेटवर्क के बारे में भी जानकारी पूछी। कहा कि संगठन को फंडिंग कहां से हो रही है। कौन कर रहा है। इस पर बताया गया कि कहीं से फंडिंग नहीं होती। संगठन के सदस्य ही आपस में चंदा करके अपना काम करते हैं। कोर्ट ने इस पर नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ याचिका में विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों को भी नोटिस जारी करने को कहा है, जो याचिका दाखिल करने में शामिल हैं। मामले की केंद्र सरकार की ओर से राजेश त्रिपाठी ने पख रखा।