तंज...ईडी का काम याची अधिवक्ता कर रहे
कोर्ट ने कहा कि जो काम ईडी को करना चाहिए था, वह काम याची अधिवक्ता कर रहे हैं। कहा कि घोटाले में शामिल 60 कंपनियों की सूची उन्होंने दी है। इसके बाद भी ईडी ने इन कंपनियों की जांच नहीं की। कोर्ट ने ईडी से पूछा कि उन्होंने कितने बैंक खातों और उनसे हुए लेनदेन की जांच की है। इस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
कैसे सैकड़ों करोड़ की नकदी बैंक से निकाली गई?
कोर्ट ने एसएफआईओ की जांच पर भी नाराजगी जताई। आईजी, ईओडब्ल्यू प्रशांत कुमार, एवी राजमौली, सचिव ने अदालत को आश्वस्त किया है कि वे इस मामले में जांच करेंगे। याची अधिवक्ता ऋषभ राज ने दलील दी कि जांच एजेंसियों को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि कैसे सैकड़ों करोड़ की नकदी बैंक से निकाली गई। इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को नहीं हो पाई। जबकि, आरबीआई के नियमानुसार सभी बैंकों को 10 लाख से अधिक की नकदी जमा और निकासी के बारे में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करनी है। यह भी जांच की जानी चाहिए कि बैंक से निकाली गई सारी नकदी कहां निवेश की गई।
एजेंसियां जांच करने में पूरी तरह विफल रही हैं...
कोर्ट ने कहा कि ये सभी एजेंसियां जांच करने में पूरी तरह विफल रही हैं। जांच एजेंसियों को निर्देश दिया जाता है कि वे आरोपियों व कंपनियों के खिलाफ उचित जांच करें। साथ ही पैसे के लेनदेन का पता लगाए जाए। अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी।