इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में सचिव राधा माधव शर्मा, तरुण वार्ष्णेय, गिरि सिंह, मनोज शर्मा, रुकेंद्र सारस्वत और उमेश पर हाथरस जिला न्यायालय में 19 अक्तूबर तक उन्हें प्रैक्टिस करने पर रोक लगा दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद ने दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस जिला न्यायालय में 13 अगस्त को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के न्यायिक अफसर से अभद्रता करने व महिला वादकारी से मारपीट करने के मामले में हाथरस बार एसोसिएशन के सचिव सहित कई अधिवक्ताओं को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कोर्ट ने क्यों न आपराधिक अवमानना के आरोप में दंडित किया जाए।
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इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में सचिव राधा माधव शर्मा, तरुण वार्ष्णेय, गिरि सिंह, मनोज शर्मा, रुकेंद्र सारस्वत और उमेश पर हाथरस जिला न्यायालय में 19 अक्तूबर तक उन्हें प्रैक्टिस करने पर रोक लगा दी। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद ने दिया है।
सचिव सहित अन्य अधिवक्ता पर आरोप है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बार सचिव 50 अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे और उन्होंने न्यायिक अफसर से अभद्रता की और महिला वादकारी से मारपीट की। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है।