याचियों की ओर संपत्ति बेचने का कोई उल्लेख एफआईआर में नहीं है। यह भी दलील दी कि अनधिकृत कब्जे से निपटने के लिए उप्र राजस्व संहिता 2006 के तहत संपूर्ण प्रावधान है। गैंगस्टर के तहत कुर्क जमीन का रिसीवर एसएचओ करेली थे ऐसे में मुकदमा इन पर दर्ज होना चाहिए कि इनके रहते जमीन पर कब्जा कैसे हो गया। अदालत ने पक्षों को सुनने के बाद इमरान, जीशान और जाहिदा बेगम की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अब जीशान व अन्य की याचिका पर अगली सुनवाई 5 अगस्त को फ्रेश केस के तौर पर होगी, जबकि जाहिदा बेगम की याचिका पर सात अगस्त को सुनवाई निर्धारित की गई है।