इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसानों की जमीन का जबरदस्ती बैनामा कराने के मामले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट सोसायटी के सदस्य मोहम्मद फसीह जैदी को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ एमपीएमएलए विशेष अदालत रामपुर में चल रहे 27 आपराधिक मुकदमों में ट्रायल में सहयोग करने की शर्त पर उत्पीडनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार से याचिका पर 11जनवरी 21 तक जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने मोहम्मद फसीह जैदी की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि प्राथमिकी में उसके खिलाफ कोई आरोप नहीं है। सह अभियुक्त आजम खां पर किसानों से जबरदस्ती सोसायटी के नाम जमीन लिखवाने का आरोप है।याची केवल सोसायटी का सदस्य है।उसे बिना सबूत के फंसाया गया है। न्यायिक प्रक्रिया का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसलिए याची के खिलाफ जारी सम्मन व मुकद्दमें रद्द किए जाए।
राज्य सरकार की तरफ से एक साथ 27 मुकदमों व सम्मन को चुनौती देने पर याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति की गई। जिस पर 11जनवरी को सुनवाई होगी। इस मामले सहित कई अन्य मामलों मे रामपुर के सांसद मोहम्मद आजम खां भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।