इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मुकदमा लंबित होने के आधार पर पुलिस आरक्षियों की पदावनति आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही आरक्षियों को पदोन्नत पद पर कार्य करने देने व वेतन भुगतान का आदेश दिया है। इस पर सरकार को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार की अदालत ने गाजियाबाद में तैनात आरक्षी सौरभ शर्मा व एक अन्य की याचिका पर दिया है।
याची के अधिवक्ता इरफान अहमद मालिक ने दलील दी कि याचियों की पदोन्नति बंद लिफाफा प्रक्रिया के तहत की गई थी। जिस अपराधिक मुकदमे के आधार पर पदोन्नति पर रोक लगाई गई है, उसी मामले में सरकार की ही पुनरीक्षण अर्जी पर अदालत ने रोक लगा रखी है। इस वजह से आपराधिक मामले का निस्तारण भी रुका हुआ है।
याची की इस दलील पर कोर्ट ने जानकारी तलब की थी लेकिन सरकार की ओर से जानकारी नहीं दी गई। इस पर हैरानी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार को मामले में कोई रुचि नहीं है। लिहाजा, याची राहत के हकदार हैं। कोर्ट ने आदेश की प्रति अपर मुख्य सचिव गृह को भेजने का भी आदेश दिया है।