इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद में यातायात उपनिरीक्षक के खिलाफ लंबित विभागीय कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही सामान मुद्दों वाली अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए पेश करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद में यातायात उपनिरीक्षक के खिलाफ लंबित विभागीय कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही सामान मुद्दों वाली अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने गाजियाबाद में तैनात मोहन सिंह की याचिका पर दिया है।
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याची के भाई की पत्नी ने नवंबर 2025 में मथुरा के महिला थाने में याची समेत परिवार के कई अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। मामला हाइकोर्ट के सुलह समझौता केंद्र पक्षकारों के बीच सुलह हो गई। इसके बाद आपराधिक कार्यवाही खत्म हो गई। इसके बावजूद याची के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर विभाग ने अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।