कोरोना संक्रमण और शहर की यातायात व्यवस्था व विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीठ ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त को तलब कर लिया है। कोर्ट ने उनसे शहर में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का मैप मांगा है। साथ ही पूछा है कि अदालत द्वारा पूर्व में पारित आदेशों के अनुपालन में उन्होंने क्या कार्यवाही की है। हाईकोर्ट में जनवरी फरवरी में आयोजित होने जा रहे माघ मेले में कोरोना संक्रमण से बचाव की तैयारियों की जानकारी भी पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ कर रही है।
नगर निगम और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए धर्म स्थलों को हटाने के बाबत हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि वह इन स्थलों का हटाने का आदेश किस अधिकारी को दें। क्योंकि प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने इस संबंध न तो कोई कार्रवाई की है और न ही किसी प्रकार की जानकारी दी है। इससे स्पष्ट है कि पीडीए की दिलचस्पी इनको हटाने में नहीं है।
स्वरूपरानी गेट के लिए फंड जारी
अपर मुख्य सचिव और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने कोर्ट को बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में कोरोना मरीजों के दूसरे गेट के निर्माण हेतु फंड जारी कर दिया गया है। काम कराने का जिम्मा यूपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया है जो एक माह में निर्माण कार्य पूरा कर देगा। एडीशनल सॉलिसिटर जनरन ने कोर्ट को बताया वह कोराना वैक्सीन की आम लोगों तक उपलब्धता की जानकारी शीघ्र ही अदालत को देंगे। संबंधित विभाग से वह सूचना एकत्र कर रहे हैं। कानपुर रोड, सुलेमसराय, नीमसरांय और कालिंदीपुरम आदि मोहल्लों में कोर्ट ने सड़कों, स्ट्रीट लाइन डिवाइडर आदि की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
पार्किंग की पीडीए देगा जानकारी
पार्किंग को दुकान में बदल दिए जाने के मामले में पीडीए के वकील ने तीन दिन में कोर्ट को जानकारी मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। साइकिल ट्रैक के बताया कि जल्दी ही साइकिल ट्रैक से अतिक्रमण हटाकर उसे आवागमन के लिए चालू कर दिया जाएगा। कोर्ट को बताया गया कि शहर में सिर्फ मास्टर प्लान के तहत बने टॉयलेट ही कार्यरत रहेंगे बाकी को हटा दिया जाएगा। सुलभ शौचालयों को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराकर सिर्फ शौचालय के उद्देश्य से ही उपयोग किया जाएगा।
तालाबों की जानकारी मांगी
हाईकोर्ट ने जवाहर लाल नेहरू रोड और चिंतामणि रोड के बीच रेवेन्यू रिकार्ड में मौजूद तालाबों की जानकारी मांगी है। नगर निगम के अधिवक्ता ने बताया कि निगम के पास फंड की कमी है इसलिए बहुत सी समस्याओं के बारे में जानकारी होने के बावजूद वह उनका निदान नहीं कर पाता है कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि नगर निगम प्रयागराज को धन उपलब्ध कराए। फंड की कमी से विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।