हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की मांग पर हाईकोर्ट में मुकदमों का मैन्युअल दाखिला भले शुरू कर दिया गया है, पर कोरोना संक्रमण के इस दौर में जो एहतियात बरतने चाहिए वह नहीं बरते जा रहे हैं। रिपोर्टिंग के दौरान वकीलों, मुंशियों की भीड़ काउंटर में इस कदर उमड़ रही है कि सोशल डिस्टेंसिंग के सारे नियम धराशायी हो गए।
सोमवार को दाखिला शुरू हुआ तो गेट पास वाले ऑफिस में बनाए गए रिपोर्टिंग काउंटर और महाधिवक्ता कार्यालय में बने रिपोर्टिंग काउंटरों पर बुरा हाल था। दूरी बनाते हुए लाइन में लगने के बजाए लोग एक दूसरे पर चढ़े जा रहे थे। सबको अपने दाखिले की जल्दी थी इस चक्कर उनको यह ध्यान भी नहीं रहा कि यह संक्रमण का सबसे बुरा दौर चल रहा है।
इसके बावजूद मुख्य स्थायी अधिवक्ता और शासकीय अधिवक्ता कार्यालय ने मुकदमों के नोटिस ऑनलाइन लेने की व्यवस्था समाप्त करके मैन्युअल नोटिस स्वीकार करने का ही आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए क्यूबिकल बनाए थे जहां से वीसी के जरिए मुकदमों में बहस की जा सकती थी मगर तकनीकी कारणों से चह व्यवस्था ध्वस्त हो गई ।
वकीलों ने आपत्ति जताई तो बार एसोसिएशन की मांग पर दुबारा मैन्युअल दाखिले और खुली सुनवाई की व्यवस्था लागू करनी पड़ी। मगर इसमें जो एहतियात बरतने चाहिए वह नहीं बरते जा रहे हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना है कि दस दिन से अधिक अदालत बंद होने के कारण भीड़ ज्यादा हो गई। वकीलों को एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है। काउंटर बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन से अनुरोध किया गया है। उम्मीद है कि एक दो दिन में और अधिक काउंटर खुल जाएंगे। काउंटर अधिक होंगे तो भीड़ नहीं लगेगी