इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक न्यायाधिकरणों और श्रम न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों के रिक्त पदों को लेकर नाराजगी जताई है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक न्यायाधिकरणों और श्रम न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों के रिक्त पदों को लेकर नाराजगी जताई है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक सरन और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने शिवनाथ बिंद और छह अन्य की याचिका पर दिया है।
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सुनवाई के दौरान औद्योगिक न्यायाधिकरण एवं श्रम न्यायालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के रजिस्ट्रार के हस्ताक्षरयुक्त 30 जुलाई के निर्देश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव का 29 जुलाई का पत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पत्र में एक बार फिर एक माह का समय मांगा गया था।
मामले की गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के कई औद्योगिक न्यायाधिकरण बिना पीठासीन अधिकारी या सदस्य के संचालित हो रहे हैं। इससे न्याय पाने के इच्छुक लोगों के लिए प्रभावी कानूनी उपाय उपलब्ध नहीं रह गया है। यह कानून की दृष्टि में स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने संयुक्त सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगते हुए सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तिथि नियत की है।