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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सरकारी कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 साल ही है न कि 60 वर्ष

Tue, 04 Dec 2018 08:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी सेवकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष ही है न कि 60 वर्ष। सरकार की आयु बढ़ाने संबंधी 28 नवंबर 2001 की अधिसूचना गैर विधायी है। कानून की नजर में आयु सीमा बढ़ाने संबंधी संशोधन अभी नहीं हुआ है। 
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भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण के असिस्टेंट आर्किटेक्ट ओमप्रकाश तिवारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति इफाकत अली खान की पीठ ने दिया है। 

कोर्ट का कहना है कि सरकार ने कर्मचारियों की आयु बढ़ाने का निर्णय अनुच्छेद 309 के तहत नियम बनाने की शक्ति का प्रयोग कर लिया है, जबकि आयु बढ़ाने के लिए फंडामेंटल रूल्स 56 एक विधायी नियम है।
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 इसे विधानसभा के जरिए ही संशोधित किया जा सकता है। सरकार नियम बनाने की शक्ति का प्रयोग कर मूल कानून में संशोधन नहीं कर सकती है। लिहाजा, सरकारी सेवकों की सेवानिवृत्ति आयु को नियम बनाकर संशोधित नहीं किया जा सकता है। 
 
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कानून की नजर में फंडामेंटल रूल्स 56 में संशोधन नहीं हुआ है। लिहाजा याची को 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता है। याची को विभाग की ओर से 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने का नोटिस मिला था। 

इसे याचिका में चुनौती दी गई थी। याची ने कहा था कि राज्य सरकार ने सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 58 से 60 वर्ष कर दी है। 

नोएडा का नियम नहीं लागू होगा
कोर्ट ने याची की इस दलील को खारिज कर दिया है कि न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने संबंधी 30 सितंबर 2012 का शासनादेश उस पर भी लागू होगा। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश सिर्फ नोएडा के लिए है।
 
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