हाईकोर्ट ने कहा है कि पदीय दायित्व का निर्वहन करने के दौरान हुई किसी घटना के लिए सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा चलाने हेतु सरकार से अभियोजन की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। कोर्ट ने बिना स्वीकृति के सरकारी कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने और मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा उस पर संज्ञान लेकर समन जारी करने को अवैधानिक करार दिया है।
कोर्ट ने पावर कारपोरेशन आगरा के अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ एसीजेएम आगरा की अदालत द्वारा जारी समन आदेश और मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी है।
आयुष कुमार और अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने दिया है। याचिका पर पावर कारपोरेशन के अधिवक्ता डीपी धनकरे और बालेश्वर चतुर्वेदी ने पक्ष रखा।
अधिवक्ताओं का कहना था कि याचीगण पावर कारपोरेशन आगरा यमुना बैंक पावर हाउस में अधिशासी अभियंता, कार्यालय सहायक आदि पदों पर हैं। तीन जुलाई 1996 को राकेश दोनेरिया की फैक्ट्री पर अधिकारियों ने छापा मारा तथा गलत तरीके से बिजली का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा।