प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि याचियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत फरार घोषित करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। याचियों की ओर से कहा गया कि कार्रवाई होने से पहले ही उनकी ओर से अर्जी दाखिल कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि पहले से ही व्यवस्था है कि कोई भी आरोपी गिरफ्तारी से पहले अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर अग्रिम जमानत की मांग कर सकता है और कोर्ट उसे अग्रिम जमानत दे सकती है।