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Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लाइक नहीं, शेयर करना है अपराध

Sun, 20 Apr 2025 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि भड़काऊ पोस्ट पर आईटी एक्ट की धारा 67 लागू नहीं की जा सकती और न ही इसके लिए किसी सजा का प्रावधान है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट को लाइक करना नहीं, शेयर करना अपराध है। पोस्ट को साझा व पसंद करने में दो अलग-अलग बाते हैं। किसी पोस्ट या संदेश को तब ही प्रकाशित कहा जा सकता है, जब उसे शेयर या फारवर्ड किया जाए। वैसे भी आईटी एक्ट के तहत केवल अश्लील तस्वीर या वीडियो का प्रसारण ही अपराध के दायरे में आता है।

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इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की अदालत ने आगरा निवासी इमरान खान के खिलाफ शुरू आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। मामला मंटोला थाना क्षेत्र का है। इमरान पर आरोप है कि उसने चौधरी फरहान उस्मान नाम की आईडी से फेसबुक पर प्रसारित एक पोस्ट को लाइक किया था। उसमें विरोध-प्रदर्शन व राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के लिए आगरा कलक्ट्रेट पर लोगों को बुलाया गया था। 

कोर्ट ने युवक को बताैर आरोपी किया था तलब
पुलिस ने इमरान के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपपत्र ट्रायल कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेकर इमरान को बतौर आरोपी तलब किया था। इसके खिलाफ आरोपी युवक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसके वकील ने दलील में बताया कि युवक ने फेसबुक अकाउंट पर ऐसा कोई आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित नहीं किया है, जो आईटी एक्ट के तहत अपराध हो। 
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भड़काऊ पोस्ट पर आईटी एक्ट की धारा 67 लागू नहीं की जा सकती और न ही इसके लिए किसी सजा का प्रावधान है। इस धारा के दायरे में ऐसी उत्तेजक सामग्री आती है, जिससे अश्लीलता झलके।       
-इलाहाबाद हाईकोर्ट 

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इमरान ने फेसबुक से डिलीट कर दी थी पोस्ट 
पुलिस का कहना था कि इमरान ने अपने फेसबुक से भड़काऊ पोस्ट डिलीट कर दिया है। लेकिन व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी ही सामग्री पाई गई है।

  • हाईकोर्ट ने केस डायरी में पाया कि इमरान ने उस्मान के पोस्ट को केवल लाइक किया है। लिहाजा, कोर्ट ने इमरान के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में शुरू आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। 

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