याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि कि पुलिस रिपोर्ट के अलावा अन्य मामलों में शुरू किए गए ''मामलों'' के लिए प्रक्रिया निर्धारित है। धारा 246 सीआरपीसी के तहत आरोप तय करने का चरण निश्चित रूप से धारा 244 सीआरपीसी के चरण को पार करने के बाद आएगा। जबकि, मौजूदा मामले में कोर्ट ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। लिहाजा, कोर्ट ने दलीलों को सही माना और सीजेएम के आदेश को प्रक्रिया के विपरीत कार्यवाही करार देते हुए सीजेएम के आदेश को रद्द कर दिया।