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UP : हाईकोर्ट ने कहा- ध्वस्तीकरण मामले में प्रक्रिया जारी रखें पर बिना इजाजत किसी भी स्थिति में घर न गिराएं

Wed, 11 Feb 2026 07:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट अपनी रोक बरकरार रखते हुए सख्त रुख अपनाया है। कहा है कि याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी रखी जाए पर कोर्ट की अनुमति के बिना उनकी संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट अपनी रोक बरकरार रखते हुए सख्त रुख अपनाया है। कहा है कि याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी रखी जाए पर कोर्ट की अनुमति के बिना उनकी संपत्तियों का ध्वस्तीकरण किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया है।

हमीरपुर के सुमेरपुर थाना क्षेत्र निवासी फैमुद्दीन, मोइनुद्दीन और जैबुन निसा ने अपनी संपत्तियों के ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने पूर्व के आदेश में बुलडोजर कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश में दंड स्वरूप लोगों की इमारतें तोड़ी जा रही हैं। यह कोर्ट ऐसे कई मामलों का गवाह है। सजा के तौर पर इमारतों को तोड़ना शक्तियों के बंटवारे का खुला उल्लंघन है। क्योंकि, सजा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है। कोर्ट ने कई बिंदुओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। इसके लिए राज्य को दो सप्ताह का और समय दिया है। 25 फरवरी को अगली सुनवाई होगी। तब तक संपत्तियों को गिराने पर अंतरिम रोक जारी रहेगी। 

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