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UP : हाईकोर्ट ने अपना फैसला लिया वापस, आईआईएफएल को लगा झटका, बेघर परिवार को तत्काल मकान का कब्जा देने का आदेश

Wed, 24 Sep 2025 05:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईआईएफएल होम फाइनेंस के पक्ष में उधारकर्ता के मकान पर कब्जा की अनुमति देने वाला पूर्व में दिया गया अपना आदेश वापस ले लिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईआईएफएल होम फाइनेंस के पक्ष में उधारकर्ता के मकान पर कब्जा की अनुमति देने वाला पूर्व में दिया गया अपना आदेश वापस ले लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्त को तुरंत उस बेघर परिवार को कब्जा वापस देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी शराफ और न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने दिया है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को आईआईएफएल होम फाइनेंस की याचिका पर एक आदेश पारित किया था। इसमें कोर्ट ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को सरफेसी एक्ट के तहत जारी किए गए कब्जे के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद प्रभावित परिवार ने एक ''रिकॉल'' याचिका दायर की। प्रतिवादी अधिवक्ता ने दलील दी कि आईआईएफएल ने लखनऊ के ऋण वसूली न्यायाधिकरण की ओर से जारी आदेश को छिपाया है।

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आईआईएफएल ने याचिका में गलत जानकारी दी

न्यायाधिकरण ने आदेश दिया था कि मकान पर कब्जा लेने से पहले 15 दिन का नोटिस दिया जाना है। इसके बावजूद परिवार को बिना किसी नोटिस के बेघर कर दिया गया। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि आईआईएफएएल ने याचिका में गलत जानकारी दी थी। कंपनी ने याचिका में दावा किया था कि उधारकर्ता ने डीआरटी या डीआरएटी कोई वाद दाखिल नहीं किया है जबकि यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जो व्यक्ति स्वच्छ हाथों के साथ अदालत नहीं आता, उसे कोई राहत नहीं मिल सकती। झूठ के आधार पर व्यक्ति को अदालत में आने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे व्यक्ति को मुकदमे के किसी भी चरण से बाहर किया जा सकता है।

यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने अपना 28 अगस्त 2025 का आदेश वापस ले लिया। कोर्ट ने आईआईएफएल और गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को तत्काल प्रभाव से प्रतिवादी सरिता यादव व रामबीर यादव को उनके निवास का कब्जा वापस दिलाने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई नाै अक्तूबर को होगी। उस दिन याची कंपनी को कोर्ट ने आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। प्रतिवादी अधिवक्ता डॉ. अवनीश त्रिपाठी ने बताया हाईकोर्ट के आदेश के बाद गाजियाबाद में उधारकर्ता सरिता यादव, रामबीर यादव को शाम सात बजे मकान पर कब्जा दे दिया गया है।

 
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