इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर परिलाभों का भुगतान नहीं किया गया है तो सेवानिवृत्त दरोगा श्रीकांत मिश्र को तत्काल भुगतान किया जाए। साथ ही कोर्ट ने अधिक वेतन भुगतान की हो चुकी वसूली को याचिका के फैसले की विषयवस्तु करार देते हुए राज्य को अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार की एकल पीठ ने दिया है।
वाराणसी निवासी याची श्रीकांत मिश्र एक जून 1983 को कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुए थे। 2016 में हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति दी गई और पांच सितंबर 2022 को पुलिस उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। लगभग 40 साल नौकरी करने के बाद 60 साल की आयु में 29 फरवरी 2024 को याची सेवानिवृत्त हुआ। इसके बाद वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने नोटिस दिया कि एक जनवरी 2006 से 31 मई 2007 तक अधिक वेतन भुगतान किया गया है।
इस पर एसपी गाजीपुर ने 17 माह के अधिक वेतन भुगतान की वसूली का आदेश जारी कर दिया। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि वसूली आदेश सुप्रीम कोर्ट के रफीक मसीह के निर्देश का उल्लंघन है। वसूली आदेश रद्द किया जाना चाहिए। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार से याचिका पर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई की तिथि 20 अगस्त नियत की है।