इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चायल से भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता की ओर से याची पर धमकी देने के आरोप में दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ी लंबित अपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चायल से भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता की ओर से याची पर धमकी देने के आरोप में दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ी लंबित अपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार और पूर्व विधायक को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने विकास गुप्ता की याचिका पर दिया है।
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मामला वर्ष 2021 का है। आरोप है कि तत्कालीन विधायक के लेटरहेड पर प्रयागराज कैंट थाने में विकास गुप्ता के खिलाफ आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। साथ ही विधायक के आवास पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की गई।याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि याची का अपने बड़े भाई और भाभी के साथ संपत्ति विवाद है।
भाभी के चाचा होने के नाते पूर्व विधायक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और झूठा मुकदमा दर्ज कराया। कहा कि केवल मोबाइल से बातचीत रिकॉर्ड करना या बहस होना आपराधिक धमकी का अपराध नहीं है। पुलिस ने मार्च 2021 में ही आरोपपत्र तैयार किया, लेकिन उसे करीब पांच साल तक अदालत में पेश नहीं किया गया। बाद में आरोप पत्र पेश कर समन जारी करा दिए गए।