इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में लगभग चार साल पहले सिरप के सेवन से 15 बच्चों की मौत मामले में नोएडा की मेसर्स मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का निलंबित लाइसेंस बहाल कर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में लगभग चार साल पहले सिरप के सेवन से 15 बच्चों की मौत मामले में नोएडा की मेसर्स मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का निलंबित लाइसेंस बहाल कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकलपीठ ने दिया।
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नोएडा की याची कंपनी डीओके-1 मैक्स सिरप बनाती है। इसके सेवन के कारण उज्बेकिस्तान गणराज्य के समरकंद में 15 बच्चों की मौत हो गई। इस मामले में केंद्र और राज्य औषधि प्राधिकरण की संयुक्त निरीक्षण टीम ने 27 दिसंबर 2022 से 12 जनवरी 2023 के बीच याची कंपनी के कारखाने परिसर में कई बार निरीक्षण किया। दवाओं के नमूने लिए गए। सरकारी विश्लेषक, क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (आरडीटीएल), चंडीगढ़ में नमूने मानक गुणवत्ता के नहीं मिले। इसके बाद औषधि अनुज्ञापन-सह-नियंत्रण प्राधिकरण ने 13मार्च 2023 को याची कंपनी का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
इस आदेश के खिलाफ जून 2023 में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की गई। यहां कंपनी को राहत मिली। सहायक आयुक्त (औषधि) मुख्यालय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ ने पुनरीक्षण आवेदन दाखिल किया। यहां कंपनी को झटका लगा और पूर्व आदेश को निलंबित कर दिया। कंपनी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस दौरान दलील दी गई कि उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय से याची कंपनी राहत मिली है। एकल पीठ ने पक्षों को सुनने के बाद याचिका स्वीकार करते हुए कंपनी के लाइसेंस को बहाल कर दिया।