इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद आजम खां के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर को टैक्स वसूली के मामले में राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने 147ऽ20 करोड़ की लागत से बने 16 भवनों के 1.3 6 करोड़ रुपये टैक्स एवं 2.72 करोड़ रुपये की पेनाल्टी की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि कर निर्धारण आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का विकल्प उपलब्ध है ।ऐसे में याचिका पोषणीय नहीं है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर नेजौहर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष आजम खां व कुलसचिव के मार्फत दाखिल याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची को जारी नोटिस पर सुनवाई का मौका दिया गया। याची ने शिक्षण संस्थानों को मिलने वाले कर में छूट का लाभ देने की अर्जी दी है। इस मामले में उसके पास अपील करने का विकल्प उपलब्ध है। इसलिए याचिका पोषणीय नहीं है।