इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी मूर्ति कहां स्थापित हो, यह नगर पालिका परिषद को तय करना है। ऐसे मामलों में हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं करता। नगर पालिका परिषद देवरिया के ऑडिटोरियम टाउन हाल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की मूर्ति स्थापित करने को लेकर विवाद के समाधान के लिए यह याचिका दायर की गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी मूर्ति कहां स्थापित हो, यह नगर पालिका परिषद को तय करना है। ऐसे मामलों में हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं करता। नगर पालिका परिषद देवरिया के ऑडिटोरियम टाउन हाल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की मूर्ति स्थापित करने को लेकर विवाद के समाधान के लिए यह याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति एसएचए रिजवी की खंडपीठ ने आशुतोष तिवारी की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा, याची न तो नगर पालिका परिषद का सदस्य है और मूर्ति लगने न या लगने से उसके किसी अधिकार का उल्लघंन भी नहीं होता। यह कोई जनहित याचिका भी नहीं है। ऐसे में मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है।