इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैंक लोन के लिए फर्जी सेल डीड का सहारा लेने के आरोपी लक्ष्य तंवर को राहत देने से इंकार करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी है। याचिका में सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद की ओर से छ्ह जनवरी 2020 को दाखिल चार्जशीट और 22 जनवरी को जारी समन आदेश को चुनौती दी गई थी।
याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने सुनवाई की। याची के खिलाफ सीबीआई ने धोखाधड़ी, फर्जी कागजात तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उसने गाजियाबाद के शास्त्रीनगर में एक प्रापर्टी खरीदने के लिए उसकी फर्जी सेल डीड तैयार कराकर उसे पंजाब नेशनल बैंक में दाखिल कर दिया।
इसके जरिए करोड़ों का ऋण लिया गया। याची का कहना था कि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है, उसे फर्जी फंसाया गया है। याचिका का विरोध कर रहे सीबीआई के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश का कहना था कि याची पूरे प्रकरण का मास्टर माइंड है। उसने फर्जी सेल डीड बैंक में प्रस्तुत करके अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपराध किया है।
इतना ही नहीं याची मुकदमे के विचारण में सहयोग नहीं कर रहा है इसलिए सीबीआई कोर्ट ने उसके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।