उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से ऑडिटर पद की भर्ती में शैक्षिक योग्यता संबंधी बदलाव का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तिथि नियत की है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से ऑडिटर पद की भर्ती में शैक्षिक योग्यता संबंधी बदलाव का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तिथि नियत की है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार व न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने दिया है। अंकित कुमार यादव व अन्य ने भर्ती में पूर्व से निर्धारित बीकॉम योग्यता को बदलकर सामान्य स्नातक को भी पात्र बनाए जाने को चुनौती दी है। याचियों का कहना है कि ऑडिटर का पद पूर्णतः लेखांकन, ऑडिटिंग, वित्तीय प्रबंधन और वाणिज्य जैसे तकनीकी विषयों पर आधारित है।
ऐसे पद के लिए वाणिज्य पृष्ठभूमि रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलना अत्यंत आवश्यक है। यूपीएसएसएससी की ओर से जिला लेखा परीक्षा अधिकारी या सहायक निदेशक (ऑडिट) जैसे समकक्ष पदों के लिए अभी भी बीकॉम या समकक्ष वाणिज्यिक डिग्री अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में ऑडिटर के लिए सामान्य स्नातक को पात्र बनाना पद की गरिमा के विरुद्ध है।