एकल पीठ के आदेश को छात्र ने स्पेशल कोर्ट में दी थी चुनौती
खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस तरह की सजा छात्र के कॅरिअर को हमेशा के लिए प्रभावित कर सकती है। यह बेहद अपमानजनक है। इस सजा से छात्र के चरित्र पर एक ऐसा घाव लगेगा जो कभी नहीं भरेगा। कोर्ट ने अन्य शर्तें बरकरार रखीं। छात्र को शेष कक्षाओं में उपस्थिति बनाए रखनी होगी और एक हलफनामा देना होगा। उसे अपने कृत्य के लिए 72 घंटे के भीतर लिखित माफीनामा भी देने को कहा गया है। साथ ही गलगोटिया विश्वविद्यालय और संबंधित संस्थानों के गेट पर पुलिस की ''''एंटी रोमियो मोबाइल स्क्वाड'''' तैनात करने का निर्देश भी यथावत रखा गया है।