कोर्ट ने जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 21 नवंबर को पेश करने का आदेश दिया है। विपक्षी चिकित्सा अधीक्षक को नोटिस जारी कर राज्य सरकार सहित सभी विपक्षियों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा परिवार कल्याण सेवा उप्र लखनऊ को यह पता लगाने को कहा है कि फिरोजाबाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डा हृदय राम ने क्या पत्नी के रहते दूसरी महिला से शादी की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने श्रीमती नीलम की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
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कोर्ट ने जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 21 नवंबर को पेश करने का आदेश दिया है। विपक्षी चिकित्सा अधीक्षक को नोटिस जारी कर राज्य सरकार सहित सभी विपक्षियों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
अधिवक्ता दिनेश कुमार मिश्र ने कोर्ट को बताया याची की शादी डॉ हृदय राम से 20 साल पहले हुई थी। जुड़वां बच्चे भी हैं। दहेज उत्पीड़न के कारण दोनों के संबंध ठीक नहीं है। 2018 में डॉ. हृदय राम का तबादला बस्ती जिले से फिरोजाबाद हुआ। वहां आगरा की रहने वाली एक महिला से शादी कर ली है। संयुक्त नाम से आगरा में प्लाट खरीदा । मकान का बिजली कनेक्शन महिला ने डॉ हृदय राम की पत्नी के रूप में लिया है। याचिका की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।