मामले में याची ने यूपी जीएसटी कानून की धारा 73 के अंतर्गत पारित आदेश की वैधता को चुनौती दी थी। याची का कहना था कि खनन प्रक्रिया में रायल्टी का भुगतान करने पर जीएसटी की मांग करना गलत है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन की प्रक्रिया के दौरान रॉयल्टी के भुगतान पर जीएसटी की मांग करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए प्रथम दृष्टया यह माना की रायल्टी के भुगतान पर जीएसटी की मांग करना गलत है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही याचिका की सुनवाई के लिए सात सितंबर 2022 की तिथि निर्धारित की है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने मैसर्स जितेंद्र सिंह की याचिका पर दिया है।
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मामले में याची ने यूपी जीएसटी कानून की धारा 73 के अंतर्गत पारित आदेश की वैधता को चुनौती दी थी। याची का कहना था कि खनन प्रक्रिया में रायल्टी का भुगतान करने पर जीएसटी की मांग करना गलत है। कहा गया कि यूपी जीएसटी का आदेश एकतरफा है। इस कारण से चुनौती दी जा रही है। याची से वित्तीय वर्ष 2017 -2018 के रॉयल्टी भुगतान पर जीएसटी की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित ए डी एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम भारत सरकार के केस को उद्धृत करते हुए कहां गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने माइनिंग प्रक्रिया के द्वारा रॉयल्टी के भुगतान पर रोक लगा दी है। कहा गया था कि ऐसी परिस्थिति में उत्तर प्रदेश में भी खनन प्रक्रिया के दौरान रायल्टी के भुगतान पर जीएसटी की मांग करना गलत है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।