इलाहाबाद(ब्यूरो)। सूबे के परिवहन दुर्गा प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक सिपाही को हटाने की सिफारिश करना उनको भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने सिपाही की याचिका पर संज्ञान लेते हुए मंत्री को नोटिस जारी कर दिया है। उनसे पूछा है कि किस अधिकार के तहत उन्होंने सिपाही का ट्रांसफर कराने के लिए पत्र लिखा। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने मंत्री को 23 फरवरी 2015 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में तैनात ब्रजेश कुमार का तबादला डीआईजी मेरठ रेंज के 31 दिसंबर के आदेश पर एसएसपी गाजियाबाद ने आठ जनवरी को बागपत कर दिया। ब्रजेश ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनके वकील विजय गौतम के मुताबिक तबादला परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव की सिफारिश पर किया गया। उनके कहने पर मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और डीआईजी रेंज ने आदेश जारी कर दिया। दुर्गा प्रसाद ने 28 अगस्त 2014 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था कि सिपाही ब्रजेश कुमार की कार्यशैली बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता जैसी है। उसके कार्यों से सपा के लोगों में नाराजगी है। इसलिए उसका तबादला गाजियाबाद से अन्यत्र कर दिया जाए।
याचिका के साथ मंत्री के पत्र की प्रति भी संलग्न की गई थी। कोर्ट ने मंत्री को नोटिस जारी कर पूछा है कि किस अधिकार के तहत उन्होंने ऐसा पत्र लिखा है। प्रदेश सरकार से भी याचिका पर जवाब तलब किया है।