इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मर्जी से विवाह कर साथ रह रहे बालिग जोड़े की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और शिकायतकर्ता से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मर्जी से विवाह कर साथ रह रहे बालिग जोड़े की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और शिकायतकर्ता से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता व न्यायमूर्ति डॉ.अजय कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने दीपिका की याचिका पर दिया।
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कानपुर नगर के साढ़ थाने में दीपिका व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। याची की ओर से दलील दी गई कि वह बालिग है। उसने दो अप्रैल 2026 को अपनी मर्जी से विवाह किया है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि किसी प्रकार की जबरदस्ती या दबाव का आरोप नहीं है। दोनों बालिग हैं, इसलिए उनके साथ रहने में कोई अपराध नहीं बनता।