इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चीनी नागरिक एलिस ली उर्फ ली तेंगली की जमानत की शर्तों में संशोधन करते हुए चीनी दूतावास से गारंटी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चीनी नागरिक एलिस ली उर्फ ली तेंगली की जमानत की शर्तों में संशोधन करते हुए चीनी दूतावास से गारंटी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याची को 9 फरवरी 2026 को जमानत मिल चुकी थी लेकिन चीनी दूतावास की ओर से गारंटी प्रमाणपत्र जारी करने से इन्कार किए जाने के कारण वह अब तक जेल से रिहा नहीं हो सकी थी। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने दिया है।
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मामला गौतमबुद्ध नगर में कथित जीएसटी चोरी से जुड़ा है। एलिस ली को इस मामले में 26 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जमानत देते समय हाईकोर्ट ने शर्त रखी थी कि वह चीनी दूतावास से ऐसा प्रमाणपत्र दाखिल करेगी, जिससे मुकदमे की प्रत्येक तारीख पर उसकी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। हालांकि, चीन के दूतावास ने यह कहते हुए प्रमाणपत्र जारी करने से इन्कार कर दिया कि उसके अधिकारों और जिम्मेदारियों के तहत ऐसा गारंटी प्रमाणपत्र जारी करना संभव नहीं है। इसी बीच, आवेदिका को अप्रैल 2026 को एक्स-मिस्क वीजा जारी किया गया। इस वीजा पर उसे भारत से बाहर जाने के लिए एग्जिट परमिट लेना अनिवार्य है। ट्रायल कोर्ट की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाने की शर्त पर कोर्ट ने जमानत दे दी।