इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग पीड़िता को 23 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को शुक्रवार से गर्भपात की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग पीड़िता को 23 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को शुक्रवार से गर्भपात की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सा और यात्रा का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने नाबालिग पीड़िता की याचिका पर दिया है।
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इससे पहले 30 मार्च को कोर्ट ने कुशीनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। एक अप्रैल को दाखिल की गई मेडिकल रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने गर्भपात को सुरक्षित बताया, जिसके आधार पर कोर्ट ने पीड़िता के गर्भपात का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पीड़िता की सुरक्षा का जिम्मा मामले के विवेचक को सौंपा है।