इससे पूर्व अदालत ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों को तलब किया था। कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने वाले दरोगा राम चंद्र सिंह सहित इसमें शामिल रहे अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच करने के लिए कहा है। कहा है कि यदि जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए।
घटना के मुताबिक नोएडा फेज दो थाने की पुलिस सादे वेश में हाथरस गई और याची को पकड़ लाई। 14 जून 21 को 29.600 किग्रा अवैध गांजा तस्करी के आरोप में उसकी गिरफ्तारी दिखाई गई। याची का कहना था कि उसके खिलाफ 2001 से 2017 तक हाथरस, सांसी थाने में 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2017 के बाद कोई केस दर्ज नहीं है। अब पुलिस ने फर्जी केस में फंसा दिया है। कोर्ट ने कहा याची अपने आचरण में सुधार कर रहा है जबकि और पुलिस झूठी कहानी गढ़ कर उसे फिर से अपराध में घसीटने की कोशिश कर रही है। जिसके लिए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।