इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एलोपैथिक डॉक्टरों की नियुक्ति में उन अभ्यर्थियों को भी काउंसलिंग में शामिल करने का निर्देश दिया है जिन्होंने अपने शैक्षणिक दस्तावेज अभी तक आयोग में जमा नहीं किए हैं। भर्ती का विज्ञापन लोक सेवा आयोग ने जारी किया है तथा चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग एक व दो नवंबर को होनी है । दस्तावेज जमा न कर पाने वाले अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से काउंसलिंग रोकने या उन्हें काउंसलिंग में सम्मिलित करने की मांग की थी।
डॉक्टर मोहिनी सिंह व अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की याची गण का कहना था लोक सेवा आयोग ने 2021-22 के लिए एलोपैथिक डॉक्टरों के 75 पदों का विज्ञापन जारी किया। याचीगण इसमें चयनित हो गए , मगर उनका नाम काउंसलिंग के लिए नहीं भेजा गया क्योंकि याची गण लोक सेवा आयोग द्वारा मांगे गए बहुत से शैक्षणिक दस्तावेज जमा नहीं कर सके थे। आयोग ने दस्तावेज जमा करने के लिए 60 दिन की मोहलत थी जो कि 5 नवंबर को समाप्त हो रही है ।
मगर इससे पूर्व भी एक व 2 नवंबर को आयोग काउंसलिंग कर रहा है या चिकन का कहना था कि एक बार काउंसलिंग में पद भर गए तो फिर याची गण के चयनित होने का अधिकार के अधिकार का हनन होगा क्योंकि पद रिक्त ना होने के कारण उनका चयन नहीं हो सकेगा कोर्ट ने अच्छी गढ़ के तर्क में बल पाते हुए लोक सेवा आयोग कहा कि आयोग ने एक बार 5 नवंबर तक का समय दे दिया है तो फिर वह इस प्रकार का काम नहीं कर सकता है जिससे कि याची गण के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े कोर्ट ने याची गण को औअपबंधिक रूप से काउंसलिंग में सम्मिलित करने का निर्देश दिया है। हालांकि उनका चयन इस बात पर निर्भर करेगा कि वे आयोग द्वारा मांगे गए शैक्षणिक दस्तावेज जमा कर पाते हैं या नहीं।