इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापता बेटी की बरामदगी के लिए दाखिल याचिका वापस लेने का दबाव बनाने पर कौशाम्बी के संदीपन घाट पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि याची को परेशान करने के बजाय पुलिस लापता को खोजे। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने कौशाम्बी निवासी सईद अहमद की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।
मामला कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र का है। याची सईद ने लापता बेटी को अदालत में पेश करने की मांग के साथ हाईकोर्ट की शरण ली है। इससे पहले कोर्ट ने एक मई तक युवती को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। पुलिस के समय मांगने पर कोर्ट ने 12 मई तक की मोहलत मांगी थी लेकिन मंगलवार को भी पुलिस युवती को पेश नहीं कर सकी। उधर, याची के अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस याची पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाने लगी। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि याची को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाए।
साथ ही कोर्ट ने पुलिस को लापता युवती को हर हाल में 25 मई तक खोजकर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं होने पर एसपी कौशाम्बी और थाना प्रभारी से व्यक्तिगत हलफनामा पेश कर यह बताने का आदेश दिया है कि युवती की तलाश में पुलिस ने क्या कदम उठाए।