इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की समय पूर्व रिहाई की मांग पर 17 अप्रैल तक विस्तृत जानकारी तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने महराजगंज निवासी कैदी बैजू की याचिका पर अधिवक्ता आदर्श शुक्ला को सुनकर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की समय पूर्व रिहाई की मांग पर 17 अप्रैल तक विस्तृत जानकारी तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने महराजगंज निवासी कैदी बैजू की याचिका पर अधिवक्ता आदर्श शुक्ला को सुनकर दिया है। मामला पुरंदरपुर थाना क्षेत्र का है। दहेज हत्या में सत्र अदालत ने याची को दोषी करार देते हुए 21 नवंबर 2013 को उम्रकैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
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इस पर 2022 में हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी। वाराणसी जेल में निरुद्ध कैदी ने समय पूर्व रिहाई की मांग के साथ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याची के अधिवक्ता ने समय पूर्व रिहाई की सरकारी नीति का हवाला दिया। कहा कि 22 सितंबर 2025 को जेल प्रशासन की ओर से संस्तुति भेजने के बावजूद शासन ने निर्णय नहीं लिया।