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High Court : वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध तो तबादले पर रोक का कोई औचित्य नहीं, यह है पूरा मामला

Sun, 05 Apr 2026 02:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है तो तबादले पर रोक का कोई औचित्य नहीं। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने शिक्षक के तबादले पर रोक लगाने वाली एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया है।
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है तो तबादले पर रोक का कोई औचित्य नहीं। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने शिक्षक के तबादले पर रोक लगाने वाली एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया है। कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) 15 दिन में शिक्षक को कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर पदभार सुनिश्चित कराएं।

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हाथरस के एक कॉलेज में तैनात गणित के प्रवक्ता अमित पाठक ने व्यक्तिगत कारणों से कासगंज स्थित दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। उप शिक्षा निदेशक ने 28 जून 2024 को तबादला स्वीकृत कर दिया था, लेकिन उस आदेश को कॉलेज प्रबंधन ने चुनौती दी थी। जिस पर एकल पीठ ने रोक लगा दी थी। डीआईओएस की ओर से हलफनामे में कहा गया था कि कॉलेज में दो अन्य शिक्षक गणित पढ़ाने के लिए पूरी तरह योग्य हैं। इंटरमीडिएट स्तर तक पढ़ा सकते हैं। 

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