कोर्ट ने हथियार लाइसेंस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव (गृह) से पूछा कि क्या राज्य में आर्म्स लाइसेंस का डिजिटल डाटाबेस है। लाइसेंस देने में क्या प्रशासनिक बाधाएं हैं। कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया कि जिले और थानेवार हथियार लाइसेंस का पूरा ब्योरा दें। एक ही परिवार में कितने लोगों के पास लाइसेंस हैं, इसकी भी जानकारी दें। लंबित आवेदनों और अपीलों का डाटा प्रस्तुत करें, साथ ही दो या अधिक आपराधिक मामलों वाले लाइसेंस धारकों की अलग सूची तैयार करें।
शक्ति प्रदर्शन और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक बना हथियार रखना : कोर्ट
कोर्ट ने टिप्पणी की कि कई जगह हथियार रखना शक्ति प्रदर्शन और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक बन गया है। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन और राजनीतिक प्रभाव के लिए उनका उपयोग समाज में भय का माहौल पैदा करता है, जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट ने आदेश की प्रति राज्य के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को होगी।