याची के अधिवक्ता अशोक कुमार ओझा और राम कृष्ण मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि कोऑपरेटिव सोसाइटी में सन 2012 से लेकर 2017 तक तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। लेकिन आज तक कर्मचारियों की न तो पदोन्नति की गई और न ही उनकी वेतनवृद्धि हुई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोऑपरेटिव सोसाइटी में वर्ष 2012 से 2017 के बीच तैनात हुए तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति और वेतनवृद्धि के मामले में सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने चार दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की 10 जनवरी को सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने अवनीश कुमार व 38 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची के अधिवक्ता अशोक कुमार ओझा और राम कृष्ण मिश्रा ने कोर्ट को बताया कि कोऑपरेटिव सोसाइटी में सन 2012 से लेकर 2017 तक तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। लेकिन आज तक कर्मचारियों की न तो पदोन्नति की गई और न ही उनकी वेतनवृद्धि हुई। उत्तर प्रदेश सरकार ने भर्ती के मामले में अनियमितता के आरोपों को देखते हुए एसआईटी जांच बैठाई है।
इसी जांच की वजह से कर्मचारियों की पदोन्नति और वेतनवृद्धि नहीं की गई। इस संबंध में कोऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से एक आदेश भी जारी किया गया था कि जांच पूरी होने तक न तो पदोन्नति की जाए और न ही वेतनवृद्धि की जाए। मामले में कुछ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष भी याचिका दाखिल कर रखी है।
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लखनऊ खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं की मांग को देखते हुए कोऑपरेटिव सोसाइटी के आदेश पर रोक लगा दी। जबकि, अवनीश कुमार सहित 38 अन्य कर्मचारियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। सुनवाई केदौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा कि लखनऊ खंडपीठ का आदेश सभी कर्मचारियों पर क्यों लागू नहीं है। मामले की सुनवाई 10 जनवरी को होगी।